Archive for the ‘Poetries’ Category
हमने चलने की ठानी है
Thursday, August 18, 2011 9:40 1 Commentआज कल जो कुछ भारत में हो रहा है उसमे Anna Hazare का समर्थन देते हुए मन में यह भाव आया… हमने चलने की ठानी है हार कभी न मानी है चलते चलते थकना नहीं ऐसी राह पकड़ना नहीं जिस पर तुम मुरझा जाओ सबको लेकर संग चले भारत माँ में रंग भरे प्रकृति के [...]
सपना मेरा बिखर गया
Wednesday, July 20, 2011 17:32 No Commentsसपना मेरे बिखर गया टूट जब शिखर गया जो शिखर मैंने बनाया था संसार से दुःख भगाया था खुशियो की बरसात हो कहीं न दुःख संताप हो कोई अमीर – कोई गरीब ये न कभी सोचा था सभी सुखी हो – सभी निरोगी ऐसा भाव बनाया था सब और हरियाली थी सब तरफ [...]
